एक दिन जब हमारे कुछ दोस्तों में कही विदेश जाने की चर्चा होने लगी थी तब सब अपनी अपनी पसंद की बाहर की जगहों के नाम गिनाने लगे । फिर ज्यादातर दोस्तों ने एक शहर के बारे में बोला जो था मैड्रिड ( madrid)। फिर सब दोस्तों ने यह तय किया कि अगले दिन इसके बारे में खूब सारी जानकारियां एकत्र की जाएगी । इसके बाद सब दोस्तों ने मेरे इस शहर के बारे में काफ़ी अच्छी-खासी जानकारी एकत्र की जो इस प्रकार है :- मैड्रिड (madrid) स्पेन की राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। मैड्रिड (madrid), देश और मैड्रिड (madrid)क्षेत्र के समुदाय दोनों के केंद्र में मंझनारेस (Manzanares) नदी पर स्थित है, स्पेन (spain) की राजधानी के रूप में, सरकार की सीट, स्पेनिश सम्राट का निवास, मैड्रिड देश का राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है। यह समुद्र के स्तर से कुछ 2,120 फीट (646 मीटर) की ऊँचाई पर मेसेटा (स्पेनिश शब्द मेसा, "टेबल") से प्राप्त रेत और मिट्टी के एक अविच्छिन्न पठार पर स्थित है, जो इसे उच्चतम राजधानियों में से एक बनाता है। सिएरा डी गुआडरमा (Sierra de Guadarrama) की निकटता के साथ यह स्थान, ...
ये कहानी मेरी एक दोस्त के ऊपर है जो मेक्सिको (Mexico) में रहती थी और उसका स्वाभाव काफ़ी अच्छा था। मुझे उसका स्वाभाव इतना अच्छा लगा था कि मैं ये सोच रहा था कि ये लड़की हमारे देश की कई लड़कियों के स्वाभाव के मामले में बहुत आगे है।
मेरी उससे दोस्ती एक बहुत ही अच्छे एप्लीकेशन (application) के जरिये हुई थी। अब उससे बात करने में थोड़ी कठिनाई तो होती थी क्युकि मुझसे वो स्पेनिश (spanish) भाषा में बात करती थी। अब मुझे उसकी भाषा को पहले अपनी भाषा में अनुवाद करना पड़ता था फिर उसको जवाब देने के लिए अपनी भाषा को स्पेनिश (spanish) में अनुवाद करना पड़ता था। कुछ दिन बात करने से वो भी मुझसे रोजाना उसी एप्लीकेशन (application) पर हालचाल लेने आ जाया करती थी। अब उसको भी मुझसे भी बात करना अच्छा लगने लगा था पर वो बार बार पूछती थी कि तुम्हारा जवाब इतनी देर में क्यों आता है? उसका ये सवाल इसलिए था क्युकि उसे मैंने कहा था कि मुझे स्पेनिश (spanish) बहुत अच्छे से आती है। पर उस समय मेरे सामने दो समस्याएं थी पहली तो उसकी भाषा और दूसरी नेट (net) की। उस समय हमारे देश में उतनी तेज़ गति से नेट (net) नहीं चलते थे। पर ये दोनों समस्याएं होने के बाद भी मैंने उससे बात की और उसका स्वाभाव इतना अच्छा था कि उसने भी मुझसे इन दो कमियों के बाद भी बात करना बंद नहीं किया।
उसके देश मेक्सिको (Mexico) और हमारे देश भारत के समय में लगभग साढ़े ग्यारह घंटे का फर्क था। और हम दोनों आपस में एक दूसरे से जब भी पूछे कि तुम क्या कर रहे हो तो दोनों के जवाब तो कभी सामान ही नहीं होते थे समय अलग होने के कारण। पर इतने समय के अंतर होने के बावजूद उसने, जिस दिन मेरा जन्मदिन था, उसकी बधाई पूरा समय का निर्धारण करके एक अच्छा सा और प्यारा सा सन्देश के रूप मे दिया। जब मैंने उसके सन्देश को पढ़ा जिसमे उसने लिखा था कि तुम अपना जन्मदिन ऐसे लोगो के साथ मनाओ जो तुम्हारे दिल के बहुत करीब हो और जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई। उसके सन्देश को पढ़कर मुझे सच में बहुत ख़ुशी हुई क्युकि रात के बारह बजे उसका सन्देश और तब तक किसी और ने बधाई भी नहीं दी थी जन्मदिन की। उस दिन से एक अपनापन सा उससे लगने लगा था।
फिर एक दिन उसने मुझे " te quiero" बोला तो मैंने उन शब्दों का अनुवाद किया तो पता चला कि उन शब्दों का मतलब 'मैं तुमसे प्यार करती हु ' है फिर मै सोच में पड़ गया कि क्या ये सच है और वो मुझे एक अच्छा दोस्त मानती है तो क्या जो शब्द उसने बोले है उसका मतलब एक प्रेमी की तरह प्यार करने वाला था कि एक दोस्त की तरह।
फिर मैंने काफ़ी पता किया उन शब्दों के बारे में बाद में पता चलता है कि 'te quiero' तब बोलते है जब किसी मित्र से प्यार होता है। और जब कोई प्रेमी किसी प्रेमिका को बोलता है कि 'मै तुमसे प्यार करता हूं' तो उसके लिए 'te amo' शब्द का उपयोग करते है।
अब उससे बात करने से मुझे एक अलग भाषा का ज्ञान भी प्राप्त हो रहा था और एक अच्छी दोस्त भी मुझे मिल गयी थी।
आगे जारी है.......
मेरी उससे दोस्ती एक बहुत ही अच्छे एप्लीकेशन (application) के जरिये हुई थी। अब उससे बात करने में थोड़ी कठिनाई तो होती थी क्युकि मुझसे वो स्पेनिश (spanish) भाषा में बात करती थी। अब मुझे उसकी भाषा को पहले अपनी भाषा में अनुवाद करना पड़ता था फिर उसको जवाब देने के लिए अपनी भाषा को स्पेनिश (spanish) में अनुवाद करना पड़ता था। कुछ दिन बात करने से वो भी मुझसे रोजाना उसी एप्लीकेशन (application) पर हालचाल लेने आ जाया करती थी। अब उसको भी मुझसे भी बात करना अच्छा लगने लगा था पर वो बार बार पूछती थी कि तुम्हारा जवाब इतनी देर में क्यों आता है? उसका ये सवाल इसलिए था क्युकि उसे मैंने कहा था कि मुझे स्पेनिश (spanish) बहुत अच्छे से आती है। पर उस समय मेरे सामने दो समस्याएं थी पहली तो उसकी भाषा और दूसरी नेट (net) की। उस समय हमारे देश में उतनी तेज़ गति से नेट (net) नहीं चलते थे। पर ये दोनों समस्याएं होने के बाद भी मैंने उससे बात की और उसका स्वाभाव इतना अच्छा था कि उसने भी मुझसे इन दो कमियों के बाद भी बात करना बंद नहीं किया।
उसके देश मेक्सिको (Mexico) और हमारे देश भारत के समय में लगभग साढ़े ग्यारह घंटे का फर्क था। और हम दोनों आपस में एक दूसरे से जब भी पूछे कि तुम क्या कर रहे हो तो दोनों के जवाब तो कभी सामान ही नहीं होते थे समय अलग होने के कारण। पर इतने समय के अंतर होने के बावजूद उसने, जिस दिन मेरा जन्मदिन था, उसकी बधाई पूरा समय का निर्धारण करके एक अच्छा सा और प्यारा सा सन्देश के रूप मे दिया। जब मैंने उसके सन्देश को पढ़ा जिसमे उसने लिखा था कि तुम अपना जन्मदिन ऐसे लोगो के साथ मनाओ जो तुम्हारे दिल के बहुत करीब हो और जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई। उसके सन्देश को पढ़कर मुझे सच में बहुत ख़ुशी हुई क्युकि रात के बारह बजे उसका सन्देश और तब तक किसी और ने बधाई भी नहीं दी थी जन्मदिन की। उस दिन से एक अपनापन सा उससे लगने लगा था।
फिर एक दिन उसने मुझे " te quiero" बोला तो मैंने उन शब्दों का अनुवाद किया तो पता चला कि उन शब्दों का मतलब 'मैं तुमसे प्यार करती हु ' है फिर मै सोच में पड़ गया कि क्या ये सच है और वो मुझे एक अच्छा दोस्त मानती है तो क्या जो शब्द उसने बोले है उसका मतलब एक प्रेमी की तरह प्यार करने वाला था कि एक दोस्त की तरह।
फिर मैंने काफ़ी पता किया उन शब्दों के बारे में बाद में पता चलता है कि 'te quiero' तब बोलते है जब किसी मित्र से प्यार होता है। और जब कोई प्रेमी किसी प्रेमिका को बोलता है कि 'मै तुमसे प्यार करता हूं' तो उसके लिए 'te amo' शब्द का उपयोग करते है।
अब उससे बात करने से मुझे एक अलग भाषा का ज्ञान भी प्राप्त हो रहा था और एक अच्छी दोस्त भी मुझे मिल गयी थी।
आगे जारी है.......



The bond between two countries people.
ReplyDelete