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मैड्रिड (madrid) शहर के बारे में

     एक दिन जब हमारे कुछ दोस्तों में कही विदेश जाने की चर्चा होने लगी थी तब सब अपनी अपनी पसंद की बाहर की जगहों के नाम गिनाने लगे । फिर ज्यादातर दोस्तों ने एक शहर के बारे में बोला जो था मैड्रिड ( madrid)। फिर सब दोस्तों ने यह तय किया कि अगले दिन इसके बारे में खूब सारी जानकारियां एकत्र की जाएगी । इसके बाद सब दोस्तों ने मेरे इस शहर के बारे में काफ़ी अच्छी-खासी जानकारी एकत्र की जो इस प्रकार है :- मैड्रिड (madrid) स्पेन की राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। मैड्रिड (madrid), देश और मैड्रिड (madrid)क्षेत्र के समुदाय दोनों के केंद्र में मंझनारेस (Manzanares) नदी पर स्थित है, स्पेन (spain) की राजधानी के रूप में, सरकार की सीट, स्पेनिश सम्राट का निवास, मैड्रिड देश का राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है। यह समुद्र के स्तर से कुछ 2,120 फीट (646 मीटर) की ऊँचाई पर मेसेटा (स्पेनिश शब्द मेसा, "टेबल") से प्राप्त रेत और मिट्टी के एक अविच्छिन्न पठार पर स्थित है, जो इसे उच्चतम राजधानियों में से एक बनाता है।  सिएरा डी गुआडरमा (Sierra de Guadarrama) की निकटता के साथ यह स्थान, ...

SCARY SHORT STORY

                एक सपना जो मैंने काफ़ी समय पहले देखा था वो देखने मे तो डरावना था पर एक सकारात्मक सन्देश भी देता है। उस सपने की शुरुआत  कुछ यूँ हुई........ 
                    एक जंगल में एक झोपडी दिखाई  देती है जिसमे तीन लोग एक लड़का और उसके माँ बाप दिखाई देते है। 

लड़के की उम्र यही कोई तेरह-चौदह साल होंगी। लड़के का बाप रोज़ाना जंगल से लकड़ियां लाता था पर एक दिन उसकी तबियत ख़राब हो गयी तो उसने अपने लड़के से कहा कि जाओ बेटा जंगल से लकड़िया ले आओ आज मेरी कुछ तबियत ठीक नहीं है और ज्यादा दूर ना जाना। तभी वो लड़का कहता है ठीक है पिताजी। तभी कुछ देर बाद वो लड़का जंगल की ओर  निकलता है लकड़ियां लेने के लिए। पर वो लड़का लकड़ियां  ढूंढ़ते ढूंढ़ते थोड़ी दूर  निकल गया और इधर धीरे धीरे रात होने लगी थी। 

और वो लड़का रात होने की वजह से काफ़ी ज्यादा डर गया था। अब वो सिर्फ ये सोच रहा था कि जल्दी से जल्दी घर पहुचे लकड़ियां ले के। फिर वो जैसे तैसे लकड़ियों को इक्क्ठा करके ले जाने लगा तभी उसको एक औरत दिखाई देती है। 

फिर वो औरत उस लडके से कहती है कि इस घने जंगल  मे और इतनी रात में तुम क्या कर रहे हो। तब वो लड़का कहता है कि मै अपने घर से लकड़ियां लेने के लिए निकला था तो लकड़ियां ढूढ़ते ढूढ़ते यहाँ आ पंहुचा और रात भी हो गयी काफ़ी। तब वो औरत कहती है कि इस जंगल से मेरा घर बहुत पास है तुम वहां चलो बाकि उसके बाद मैं तुम्हे तुम्हारे घर तक पंहुचा दूंगी। वो लड़का घना जंगल और रात देख के काफ़ी ज्यादा डर चुका था तो उसने उस औरत की बात मान ली और उसके साथ उसके घर जाने को तैयार हो गया। 
           उस औरत के घर पहुंचते ही वो लड़का देखता है की उसका घर बड़े अजीब तरीके से बना है और उसके घर से काफ़ी दुर्गन्ध भी आ रही थी जैसे किसी  मांस के सड़ने की आती है वैसी। वो लड़का सोच में पड़ जाता है कि ऐसा क्या होता है यहाँ जो इतनी दुर्गन्ध। फिर वो लड़का उस औरत से पूछता है कि ये दुर्गन्ध कहा से आ रही है तब वो कहती है कुछ नहीं तुम इन सब पर ध्यान ना दो। फिर उस लड़के को बहुत तेज़ भूख लगती है तो वो उस औरत से कहता है कि कुछ खाने को मिलेगा। तब वो औरत एक कमरे की  तरफ इशारा करते हुए कहती उधर खाने को बहुत सी चीज़े रखी है जाओ खा लो। इधर उसके माँ बाप काफ़ी परेशान  कि कहाँ गया उसका लड़का इतनी रात हो गयी है और वो लोग भगवान से प्रार्थना करने लगे अपने लड़के की सुरक्षा के लिए। 
            उधर वो लड़का  जिस कमरे की तरफ उस औरत ने इशारा किया था उधर जाता है तो देखता है कि वहां खूब ढेर सारे किसी के  मांस रस्सी से बंधे लटक रहे है और उसमे से कुछ मे से तो खून भी गिर रहा है। 

अब जैसे ही वो लड़का ये सब देखता है तो उसे लगता है कि वो एक गलत घर में आ गया जहाँ  सिर्फ और सिर्फ काली शक्तियों का वास है और वो कोई औरत नहीं बल्कि एक चुड़ैल है फिर वो बहुत तेज़ी से उसके घर से भागता है  और भागते हुए उस औरत कि शक्ल देखता है तो वो मुस्कुरा रही होती है। 




अब वो भागते भागते एक मंदिर की  तरफ जाता है जहाँ एक नीम का पेड़ भी लगा रहता है और उसे ऐसा लगता है कि वो औरत अभी भी उसका पीछा कर रही है।






  पूरी रात उसी मंदिर में वो गुजारता है और फिर सुबह होते ही उसे ऐसा लगता है कि शायद वो अब चली गयी है और मंदिर में रहने के बाद उसके अंदर जैसे एक सकारात्मक ऊर्जा आ जाती है। 


अब वो बिना डर के अपने घर जाता है जहाँ पर उसके माँ बाप पूरी रात परेशान थे उसके लिए। अब उसके माँ बाप अपने बेटे को देख कर काफ़ी खुश हो जाते है। तब वो लड़का उनको सारी कहानी बताता है कि कैसे क्या हुआ। 
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