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मैड्रिड (madrid) शहर के बारे में

     एक दिन जब हमारे कुछ दोस्तों में कही विदेश जाने की चर्चा होने लगी थी तब सब अपनी अपनी पसंद की बाहर की जगहों के नाम गिनाने लगे । फिर ज्यादातर दोस्तों ने एक शहर के बारे में बोला जो था मैड्रिड ( madrid)। फिर सब दोस्तों ने यह तय किया कि अगले दिन इसके बारे में खूब सारी जानकारियां एकत्र की जाएगी । इसके बाद सब दोस्तों ने मेरे इस शहर के बारे में काफ़ी अच्छी-खासी जानकारी एकत्र की जो इस प्रकार है :- मैड्रिड (madrid) स्पेन की राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। मैड्रिड (madrid), देश और मैड्रिड (madrid)क्षेत्र के समुदाय दोनों के केंद्र में मंझनारेस (Manzanares) नदी पर स्थित है, स्पेन (spain) की राजधानी के रूप में, सरकार की सीट, स्पेनिश सम्राट का निवास, मैड्रिड देश का राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है। यह समुद्र के स्तर से कुछ 2,120 फीट (646 मीटर) की ऊँचाई पर मेसेटा (स्पेनिश शब्द मेसा, "टेबल") से प्राप्त रेत और मिट्टी के एक अविच्छिन्न पठार पर स्थित है, जो इसे उच्चतम राजधानियों में से एक बनाता है।  सिएरा डी गुआडरमा (Sierra de Guadarrama) की निकटता के साथ यह स्थान, ...

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             स्कूल के  समय में मेरा एक मित्र हुआ करता था जिसका नाम था अभय। अभय का स्वभाव काफ़ी अच्छा था। एक दिन जब वो मेरे बगल मैं बैठा था तो वो उस दिन थोड़ा उदास लग रहा था तब मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ अभय कोई बात। तो उसने कहा नहीं भाई। फिर मैंने देखा कि उसका पैर कांप रहा था। तब मुझसे रहा नहीं गया और पूछा कि क्या हुआ भाई बताओ। तो वो बताता है कि यार कल मै बहुत मारा गया कुछ लड़को से। तब मैंने पूछ क्यों अभय क्या हुआ तुमने कुछ किया था क्या। तो बताने लगा कि मैं स्कूल में एक लड़की है उससे बात करता हूं तो कल मै स्कूल नहीं आया था। और मै क्रिकेट  खेलने एक मैदान में गया था तो वहां पर कुछ लड़के आये और कहने लगे कि तुम इस लड़की से बात करते हो। तब मैंने कहा हाँ करता हु क्या हुआ। MISUNDERSTANDING
तो जो लड़के आये थे वो मुझे घेर लिए और फिर एक ने मुझे जोर का तमाचा  मारा फिर मैं भी उनसे लड़ने लगा तो सबने मिलके मुझे बहुत मारा। तो उसी वजह से मेरे शरीर में बहुत दर्द हो रहा है और कांप भी रहा है।
                  फिर मैंने उससे पूछा कि कौन थे वो लोग किसी को जानते थे। तो कहने लगा नहीं भाई सब मुझे पहली बार दिखे थे। फिर अभय गुस्से में कहने लगा कि मै भी उसको जिसने ये सब करवाया है सजा जरूर दूंगा। 

                 फिर कुछ दिन बाद उसे  पता चलता है कि उसको उसके खास मित्र ने ही पिटवाया  था। फिर अभय अपने उस खास मित्र से मिलने जाता है और पूछता है कि तुमने ऐसा क्यों? फिर अभय उससे कहता है सोचा था कि जिसने मेरे को कुछ लड़को से पिटवाया था उसको ऐसी सजा दूंगा कि वो भी एक दिन याद रखेगा  पर तुमने ऐसा किया है ऐसा सोचे ना थे। पर भाई मैं तुम्हे कैसे सजा दूँ तुम तो मेरे खास मित्र हो। मै सब भूल जाता हु पर एक बात जरूर बताओ कि तुमने ऐसा क्यों किया। तब उसका खास मित्र ये कहता है कि जिस लड़की से तुम बात करते थे उसी ने मेरे को तुम्हारे खिलाफ भड़का दिया। वो कह रही थी कि तुमने उसके साथ बदतमीजी की  थी और ये कहते कहते रोने भी लगी थी तो मै भी भावुक  हो गया उसकी बातों से। फिर वो मुझसे कहने लगी कि उसको उसके किये कि सजा दो। दूसरी तरफ मै उसको पसंद भी करता था तो उसकी बातो में जल्दी आ गया और तुम्हारे  साथ ये सब। फिर वो कहने लगा कि अभय भाई मुझे माफ कर दो मै एक लड़की की  वजह से अपनी पुरानी मित्रता  को भूल गया था। फिर अभय कहता है कि  तुम्हे इस चीज का अहसास  हुआ ये देख के अच्छा लगा और मै तुम्हे माफ करता हु इस चीज के लिए पर आगे से ऐसी गलती नहीं भाई। कोई कितना भी भड़काए  पर तुम मुझसे जरूर बताना फिर कोई कदम उठाना। उसके बाद से उन दोनों की मित्रता और गहरी हो गयी। फिर अभय और उसके खास मित्र ने  मिलकर उस लड़की को ऐसा सबक सिखाया कि  वो भी उन दोनों से माफ़ी मांगने लगी। फिर अभय ने कहा कि तुमको माफ तो कर देंगे पर तुम्हे ये सब करके क्या मिला। फिर वो कुछ बोली नहीं और हम लोगो ने भी ज्यादा कुछ नहीं कहा उसे क्युकि हम लोगो को पता था कि ये इतने से नहीं सुधरने वाली है। उसके बाद से अभय और उसके मित्र ने उस लड़की से कभी बात नहीं की। 


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