एक दिन जब हमारे कुछ दोस्तों में कही विदेश जाने की चर्चा होने लगी थी तब सब अपनी अपनी पसंद की बाहर की जगहों के नाम गिनाने लगे । फिर ज्यादातर दोस्तों ने एक शहर के बारे में बोला जो था मैड्रिड ( madrid)। फिर सब दोस्तों ने यह तय किया कि अगले दिन इसके बारे में खूब सारी जानकारियां एकत्र की जाएगी । इसके बाद सब दोस्तों ने मेरे इस शहर के बारे में काफ़ी अच्छी-खासी जानकारी एकत्र की जो इस प्रकार है :- मैड्रिड (madrid) स्पेन की राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। मैड्रिड (madrid), देश और मैड्रिड (madrid)क्षेत्र के समुदाय दोनों के केंद्र में मंझनारेस (Manzanares) नदी पर स्थित है, स्पेन (spain) की राजधानी के रूप में, सरकार की सीट, स्पेनिश सम्राट का निवास, मैड्रिड देश का राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है। यह समुद्र के स्तर से कुछ 2,120 फीट (646 मीटर) की ऊँचाई पर मेसेटा (स्पेनिश शब्द मेसा, "टेबल") से प्राप्त रेत और मिट्टी के एक अविच्छिन्न पठार पर स्थित है, जो इसे उच्चतम राजधानियों में से एक बनाता है। सिएरा डी गुआडरमा (Sierra de Guadarrama) की निकटता के साथ यह स्थान, ...
मैं भी आजकल औरो की तरह खुद को एक अच्छी नौकरी से सफल बनाने में लगा हुआ हूँ। और इससे मैं अपने जीवन में काफी व्यस्त भी हूँ।
पर कभी कभी लगता है कि अपने जीवन को सफल बनाने के और भी तरीके है। सफलता किसी को तभी मिल सकती है जब एक सही मार्गदर्शक मिल जाए वो भी सही समय पर, वर्ना खुद से सब करने में गलतियाँ भी होगी और आपका कीमती समय भी चला जाएगा फिर आपका समय आपके हाथ से निकल जाने के बाद आपको सारी उम्र उसका मलाल रहेगा।
कभी कभी ऐसा लगता है कि सिर्फ़ गलतियाँ ही होगी क्या मेरे जीवन में या फिर कुछ ऐसा होगा उन गलतियों से जो मैंने कभी सोचा भी ना हो। और वैसे भी उम्मीद पर तो दुनिया कायम है। कहते है कि अगर आप खुश है तो लोगो को आपसे दिक्कत होने लगेगी और कुछ तो आपको नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश करेंगे।
क्यूंकि इंसान आजकल अपने दुख से दुखी नहीं है दूसरों के सुख से ज्यादा दुखी है।
कभी कभी ऐसा लगता है कि सिर्फ़ गलतियाँ ही होगी क्या मेरे जीवन में या फिर कुछ ऐसा होगा उन गलतियों से जो मैंने कभी सोचा भी ना हो। और वैसे भी उम्मीद पर तो दुनिया कायम है। कहते है कि अगर आप खुश है तो लोगो को आपसे दिक्कत होने लगेगी और कुछ तो आपको नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश करेंगे।
क्यूंकि इंसान आजकल अपने दुख से दुखी नहीं है दूसरों के सुख से ज्यादा दुखी है।
मुझे पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलना, बाते करना और दोस्त बनाना अच्छा लगता था, पर उनमे से कुछ ने जिस पर खुद से ज्यादा विश्वास किया उन लोगो ने विश्वास तोड़ा तो लगा कि किसी पर असानी से विश्वास करना सबसे बड़ी मूर्खता है।
फिर कुछ समय पहले एक ऐसा शख्स मेरे जीवन में आया जिसने धीमी गति से चल रही मेरी जिंदगी को रफ्तार दिया। उसने मेरी कुछ ऐसी आदतों को बदला जो असानी से बदलना मेरे लिए असान नहीं था। और नास्तिक होने जा रहा था अगर वो सही समय पर ना मिलता क्यूँकि कुछ चीज़ें ना मिलने और कुछ ऐसी गलती मुझसे हुई थी जिसके लिए मैं भगवान् को ही दोष देता रहता था। पर उसने भगवान् पर मेरे विश्वास को इस कदर बढ़ा दिया कि अब मेरी कुछ चीज़ें भगवान् भरोसे ही है।




Sahi hai sahi ✅
ReplyDeleteBut still you have to do hard work
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